Bank Jobs and Examms after 12th:


आप बीबीए, बॉकम में ग्रैजुएशन कर सकते हैं। ग्रैजुएशन में बैंकिंग और फाइनैंस को खास विषय के तौर पर 

रखना होगा। अगर ये विषय उपलब्ध नहीं हो तो नॉर्मल ग्रैजुएशन भी कर सकते हैं। इससे आपको बैंक की 

जॉब पाने में आसानी होगी।

Bank Jobs and Examms after 12th: 

12वीं के तुरंत बाद आप बैंक में नौकरी के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में नहीं बैठ सकते हैं। बैंक में जॉब के लिए कम से कम योग्यता गैजुएशन होती है। वैसे चपरासी, हाउसकीपिंग और कुछ क्लरेकिल पद होते हैं जिनके लिए शैक्षिक योग्यता 12वीं पास होती है। क्लेरिकल काडर की जॉब के लिए कंप्यूटर का ज्ञान अनिवार्य होता है। क्लेरिकल पद के जॉब के लिए आवेदन करने के लिए आपके पास कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। बैंकिंग सेक्टर में 12वीं पास लोगों के लिए डेटा एंट्री की जॉब भी होती है।

12वीं के बाद आप बीबीए, बॉकम में ग्रैजुएशन कर सकते हैं। ग्रैजुएशन में बैंकिंग और फाइनैंस को खास विषय के तौर पर रखना होगा। अगर ये विषय उपलब्ध नहीं हो तो नॉर्मल ग्रैजुएशन भी कर सकते हैं। इससे आपको बैंक की जॉब पाने में आसानी होगी।

आर्ट्स/साइंस/कॉमर्स में ग्रैजुएशन करने के बाद आप बैंकिंग में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा कर सकते हैं या एमबीए फाइनैंस ऐंड बैंकिंग या फिर देश के प्रतिष्ठित बिजनस स्कूल से एमबीए बैंकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ प्रफेशनल कोर्स जैसे सीएम, सीएम, सीएस, एलएलबी करके भी आप बैंक की जॉब कर सकते हैं।

ग्रैजुएशन के बाद सरकारी बैंकों में नौकरी के लिए आपको आईबीपीएस एग्जाम क्लियर करना होगा। आईबीपीएस विभिन्न बैंकों में भर्ती के लिए पीओ, एसओ आदि के पदों के लिए परीक्षा का आयोजन करता है। इसके अलावा एसबीआई और आरआरबी भी विभिन्न पदों के लिए परीक्षा का आयोजन करते हैं।

ग्रैजुएशन के बाद सरकारी बैंकों में भर्ती के लिए आयोजित होने वाले कुछ एग्जाम इस तरह से हैं.

1. आरबीआई ग्रेड ए और ग्रेड बी एग्जाम
2. नैशनल बैंक फॉर ऐग्रिकल्चर ऐंड रूरल डिवेलपमेंट (नाबार्ड) एग्जाम
3. आईबीपीएस क्लर्क एग्जाम
4. आईबीपीएस पीओ/मैनेजमेंट ट्रेनी एग्जाम
5. एसबीआई पीओ एग्जाम
6. आईबीपीएस आरआरबी एग्जाम
7. आईबीपीएस एसओ/आईटी ऑफिसर एग्जाम

BSEB 10th Compartment Result 2022:-

बिहार बोर्ड के 10वीं की स्पेशलपरीक्षा 5 मई से 9 मई तक आयोजित की गई थी जिसके लिए 114 केंद्र बनाए गए थे।


BSEB Matric Compartmental Result 2022: -
5 मई से 9 मई तक आयोजित की गई थी परीक्षा।
हाइलाइट्स

बिहार बोर्ड के 10वीं कंपार्टमेंट परीक्षा का रिजल्ट जारी।

23.20 प्रतिशत छात्र हुए हैं पास।

ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं रिजल्ट।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार बोर्ड के 10वीं कंपार्टमेंटल, स्पेशल रिजल्ट (BSEB Bihar Board 10th Compartment Result 2022) घोषित कर दिया है। 
जो भी छात्र इस कंपार्टमेंटल, स्पेशल परीक्षा में शामिल हुए थे वे बोर्ड के ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in और results.biharboardonline.com पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। 5 मई से 9 मई के बीच हुई इस परीक्षा में 10वीं के करीब 57,353 छात्र शामिल हुए थे। कुल विद्यार्थियों की संख्या में छात्राओं की संख्या 33,961 और छात्रों की संख्या 23,392 रही। इस परीक्षा में 13,305 विद्यार्थी पास हुए और पास प्रतिशत 23.20 है।
कंपार्टमेंटल परीक्षा का रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें
Bihar Board Compartmental Result 2022 इन स्टेप्स की मदद से कर सकते हैं रिजल्ट चेक
स्टेप 1- छात्र सबसे पहले बोर्ड के ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in, results.biharboardonline.com. पर जाएं।
स्टेप 2- वेबसाइट के होमपेज पर 'Matric Compartmental cum Special Exam results 2022' लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3- अब मांगी गई जानकारी भरें।
स्टेप 4- आपका रिजल्ट स्क्रीन पर सामने होगा।
स्टेप 5- इसे डाउनलोड कर लीजिए।
स्टेप 6- भविष्य के उपयोग के लिए प्रिंट आउट लेना न भूलें।
बिहार बोर्ड के 10वीं की स्पेशल परीक्षा 5 मई से 9 मई तक आयोजित की गई थी जिसके लिए 114 केंद्र बनाए गए थे। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि जहां अन्य बोर्ड अभी मेन परीक्षा ले रहे हैं वहीं बिहार बोर्ड ने मेन परीक्षा की सफलता के बाद कंपार्टमेंटल परीक्षा के नतीजे (BSEB Bihar Board 10th Compartment Result 2022) घोषित कर रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही उन्होंने इस सफलता के लिए सभी अधिकारियों को बधाई भी दी है।


Dieting Tips In Hindi: 

डाइटिंग के दौरान मसल लॉस से बचने के लिए आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है, यहां जानें ऐसी 5 बातें।

Dieting Tips In Hindi: हम सभी चाहते हैं कि हम फिट रहे हैं और हमारे पास एक मजबूत और आकर्षक बॉडी हो। इसके लिए हम तरह-तरह की डाइट से लेकर एक्सरसाइज तक सब कुछ फॉलो करते हैं। साथ ही वजन घटाने के लिए हम में से बहुत से लोग डाइटिंग भी करते हैं। अक्सर यह देखा जाता है कि जब लोग डाइटिंग करते हैं तो वजन कम होने के बजाए उनकी मांसपेशियां कम होने लगती हैं, साथ ही शरीर की ताकत भी कम होने लगती है। डाइटिंग करने के दौरान आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है।तो फिटनेस एक्सपर्ट और न्यूट्रीशनिस्ट अक्षय एस. शेट्टी बताते हैं कि अगर आप गलत तरीके से डाइटिंग कर रहे हैं तो भले ही आपको लग सकता है कि आपका वजन कम हो रहा है, लेकिन वास्तव यह वेट लॉस नहीं बल्कि मसल लॉस है। इस तरह वजन कम करना सिर्फ आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाता है।

अब सवाल यह है कि आपको डाइटिंग के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि जिससे कि आपका मसल लॉस और स्ट्रेंथ लॉस ना हो? चिंता न करें, इस लेख में हम आपको डाइटिंग के दौरान मसल लॉस और स्ट्रेंथ लॉस बचने के उपाय (Tips To Prevent Muscle Strength Loss While Dieting In Hindi) बता रहे हैं।

डाइटिंग के दौरान मसल लॉस और स्ट्रेंथ लॉस बचने के उपाय (How To Prevent Muscle Strength Loss While Dieting In Hindi)

1. कैलोरी का सेवन बहुत कम न करें

डाइटिंग के दौरान हम से ज्यादातर लोग जो सबसे आम गलती करते हैं वह है बहुत कम कैलोरी का सेवन करना। हम शुरुआत से ही बहुत कम कैलोरी वाला आहार लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। आपको अपने नियमित कैलोरी के सेवन से बहुत ज्यादा कम कैलोरी का एक साथ कम सेवन करना शुरू नहीं करना चाहिए। आदर्श रूप से आपको सिर्फ अपनी नियमित कैलोरी से 300-500 कैलोरी कम वाला आहार लेना चाहिए। साप्ताहिक आधार पर शरीर के कुल वजन का 0.5-1% कम करना बेहतर होता है। अगर आपके शरीर में फैट की मात्रा ज्यादा है तो आप अपनी कैलोरी का सेवन थोड़ा ज्यादा कम कर सकते हैं। लेकिन अगर आप पतले हैं तो कोशिश करें कि आप धीरे-धीरे फैट या वेट लॉस करें।

2. प्रोटीन का पर्याप्त सेवन

हम सभी जानते हैं संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है। मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने में भी प्रोटीन अहम भूमिका निभाता है। अगर आप डाइटिंग करते हैं तो आपको प्रोटीन का पर्याप्त सेवन जरूर करना चाहिए। एक्सपर्ट सुझाव देते हैं कि अपनी मांसपेशियों को बनाए रखने के लिए अपने शरीर के वजन के प्रति किलो 1.6 से 2 ग्राम प्रोटीन का सेवन जरूर करना चाहिए।  डाइटिंग के दौरान जब आप कैलोरी का कम सेवन करते हैं तो कैलोरी की कमी मांसपेशियों के प्रोटीन संश्लेषण को कम करती है, जिससे मांसपेशियों के प्रोटीन के टूटने की दर बढ़ती है। इसके परिणामस्वरूप शरीर में प्रोटीन संतुलन बिगड़ता है जिससे मसल लॉस होता है।

4. एक्सरसाइज के दौरान धीरे-धीरे वजन बढ़ाते रहें

रेजिस्टेंस ट्रेनिंग से जुड़ा एक अन्य महत्वपूर्ण कारक एक्सरसाइज के दौरान धीरे-धीरे वजन बढ़ाना। सुनिश्चित करें कि जब अलग-अलग एक्सरसाइज करें और आपके द्वारा उठाए जाने वाले वजन की बात आए तो आप वजन बढ़ाना सुनिश्चित करें और दिन-प्रतिदिन इसके साथ बेहतर हों। आप भारी वजन ज्यादा देर तक उठाकर भी रख सकते हैं, या फिर रेप्स के दौरान वजन बढ़ाना सुनिश्चित कर सकते हैं।

5. बहुत ज्यादा कार्डियो करने से बचें

अगर आप सिर्फ कार्डियो कर रहे हैं तो यह सिर्फ आपकी मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाएगा।  जैसा कि हम पहले भी पढ़ चुके हैं डाइटिंग करते समय मांसपेशियों के निर्माण के लिए रेजिस्टेंस ट्रेनिंग बहुत महत्वपूर्ण है। कार्डियो और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग का कॉम्बिनेशन फायदेमंद होता है। कार्डियो को ज़्यादा न करें क्योंकि इसका ज्यादा अभ्यास आपको डाइटिंग के पूर्ण लाभ लेने से रोकेगा। अपने कार्डियो और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के बीच उचित संतुलन बनाने का प्रयास करें।

UGC NET 2022: पहले यूजीसी नेट 2022 के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 20 मई निश्चित किया गया था।


UGC NET 2022: 31 मई से कर पाएंगे एप्लीकेशन में करेक्शन।

हाइलाइट्स

कल है नेट के आवेदन की आखिरी तारीख।

ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर करें आवेदन।

31 मई से कर पाएंगे एप्लीकेशन में करेक्शन।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कल यानी 30 मई को यूजीसी नेट (UGC NET 2022) के रजिस्ट्रेशन विंडो को बंद कर देगा। जिन इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों ने अब तक आवेदन नहीं किया है वे ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर विजिट कर आवेदन कर सकते हैं। यदि उम्मीदवारों को एप्लीकेशन फॉर्म में किसी तरह का कोई बदवाल करना हो तो वे 31 मई से 1 जून तक एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन कर पाएंगे। आपको बता दें कि एनटीए ने नेट (UGC NET 2022) के लिए आवेदन करने की तारीख को बढ़ा कर 30 मई कर किया था। इससे पहले यूजीसी नेट 2022 के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 20 मई निश्चित किया गया था।

UGC NET 2022 इन स्टेप्स की मदद से जल्द करें आवेदन

स्टेप 1- आवेदन करने के लिए सबसे पहले यूजीसी नेट की ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।
स्टेप 2- वेबसाइट के होमपेज पर, यूजीसी नेट परीक्षा 2022 रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें।
स्टेप 3- क्लिक करने के बाद अपना एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
स्टेप 4- फॉर्म भरने के बाद आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
स्टेप 5- अब पेज पृष्ठ को डाउनलोड करें और आगे की आवश्यकता के लिए उसी की एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।

नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर आवेदन करें..
यूजीसी-नेट दिसंबर 2021 और जून 2022 से संबंधित अधिक स्पष्टीकरण के लिए उम्मीदवार 011-40759000 पर भी संपर्क कर सकते हैं या ugcnet@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं।

संडे के दिन आप मोरनी हिल्स घूमने का प्लान बना सकते हैं। हरियाणा का ये एकलौता हिल स्टेशन आकर्षक जगहों के साथ-साथ एडवेंचर के लिए भी जाना जाता है। आप इस जगह पर छुट्टियों में रोमांचक गतिविधियों का मजा लेने के लिए जा सकते हैं।


रोमांच से भरपूर है हरियाणा का ये हिल स्टेशन, बच्चों के साथ घर पर बोर बैठी पत्नी भी हो जाएगी खुश
अक्सर हम संडे के दिन खूबसूरत और एडवेंचर जगहों को छोड़कर, वही घिसे पिटे स्थानों पर घूमने के लिए निकल पड़ते हैं। घूमने-फिरने के बाद अफसोस होता है कि काश किसी अच्छी जगह पर चल जाते। लेकिन शायद इस बार आपको इतना अफसोस करने की जरूरत न पड़े, क्योंकि हम लेकर आए हैं हरियाणा के इकलौते हिल स्टेशन यानी मोरनी हिल्स में किए जाने वाले कुछ ऐसे बेहतरीन एडवेंचर, जिनका मजा आप घूमने के साथ-साथ भी ले सकते हैं। हरियाणा का ये हिल स्टेशन दिल्ली से केवल कुछ ही दूरी पर मौजूद हैं, जहां आप शनिवार जाकर रविवार को घर वापस लौट सकते हैं।

बोटिंग का मजा लें -

मोरनी हिल्स जिस तरह से दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के लोगों में फेमस होता जा रहा है, उस हिसाब से हम और आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये जगह किसी दिन शिमला-मनाली की तरह लोकप्रिय होगी। यहां घूमने के साथ-साथ बोटिंग का भी मजा ले सकते हैं। मोरनी हिल्स का मशहूर टिक्कर ताल घूमने के लिए सबसे हसीन जगहों में से एक है। इसी टिक्कर ताल में आप फैमिली के साथ बोटिंग के लिए जा सकते हैं। इस ताल के आसपास की हरियाली और शांत वातावरण आपका दिल जीत लेगा और हां, रोमांटिक होने पर भी मजबूर कर देगी।

ट्रैकिंग का आप भी लें मजा -

मोरनी हिल्स में आप केवल बोटिंग ही नहीं बल्कि ट्रैकिंग के लिए भी जा सकते हैं। ऐसा कहा जाता है की मोरनी हिल्स लगभग हजार किलोमीटर से भी ज्यादा भूमि में फैला हुआ है। अब इतने बड़े हिल स्टेशन में ट्रैकिंग का मजा कौन नहीं लेना चाहेगा। ट्रैकिंग करते हुए आप मोरनी पहाड़ियों के पास बहने वाली घग्गर नदी को भी देखने के लिए जा सकते हैं। सैलानी घूमने के साथ-साथ ट्रैकिंग करते हुए भी सबसे ज्यादा देखे जाते हैं।

एडवेंचर पार्क का मजा लें -

मस्ती करने के लिए मोरनी हिल्स में एडवेंचर पार्क भी है। ये पार्क रोमांच चाहने वालों को बेहद पसंद आता है। इस पार्क को खासतौर पर सैलानियों के लिए बनाया गया है। इस पार्क में रोप क्लाइम्बिंग, बर्मा ब्रिज, रैपलिंग जैसी कई एक्टिविटीज करवाई जाती हैं। बड़े ही नहीं बल्कि बच्चों को भी ये पार्क खुश कर देगा। यहां आपके बच्चे कई झूले और राइड्स का मजा ले सकते हैं। इस पार्क में जाने के लिए एंट्री 50 रुपए है और बच्चों के लिए लगभग 20 रुपए का टिकट लगता है।

रॉक-क्लाइम्बिंग का लुत्फ उठाएं -

ट्रैकिंग करते हुए मोरनी हिल्स में प्रकृति की सैर के बीच आप रॉक-क्लाइम्बिंग का भी मजा ले सकते हैं। मोरनी की पहाड़ियों पर रॉक क्लाइम्बिंग के लिए पहले टिकट लेना पड़ता है। डरिए नहीं, इस एडवेंचर को करवाने के लिए कई एक्सपर्ट्स भी वहां मौजूद होते हैं, जो आपकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं। एडवेंचर गतिविधियों में शामिल होने के अलावा आप गुरुद्वारा नाडा साहिब और मोरनी फोर्ट भी जा सकते हैं।

मोरनी हिल्स कैसे पहुंचे - How to reach Morni Hills

मोरनी हिल्स आप बहुत ही आसानी से पहुंच सकते हैं। दिल्ली, हरियाणा से और पंजाब से मोरनी हिल्स कार से पहुंचा जा सकता है। दिल्ली से मोरनी हिल्स की दूरी 253 किमी है। वीकेंड पर मस्ती करने के लिए ये जगह आपको काफी पास पड़ेगी।


Who Should Not Follow Keto Diet: 


कीटो डाइट फॉलो करना सभी के लिए फायदेमंद नहीं होता है, बल्कि कुछ लोगों के लिए यह परेशानी का सबब बन सकता है।

वजन घटाने के लिए तरह-तरह की डाइट फॉलो करते हैं, जिनमें से एक है कीटो डाइट। वजन घटाने के लिए बहुत से लोग कीटो डाइट लेना पसंद करते हैं। क्योंकि इससे अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं। कीटो डाइट  एक हाई फैट और लो कार्ब डाइट है, जिसमें आप अपने खाने से करीबन 75 प्रतिशत फैट, 5-10 कार्ब्स और 20 प्रोटीन लेते हैं। इस डाइट में कार्ब की मात्रा कम होने पर शरीर अपनी एनर्जी के लिए फैट निर्भर होता है। लेकिन क्या सभी के लिए कीटो डाइट लेना फायदेमंद होता है? क्या सभी लोगों को कीटो डाइट फॉलो करने से समान परिणाम देखने को मिलते हैं? जी नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बल्कि कुछ लोगों के लिए कीटो डाइट को फॉलो करना परेशानी का सबब बन सकता है। साथ ही अगर कोई पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित है तो कीटो डाइट को फॉलो करने से उनकी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इस लेख में हम आपको ऐसे 5 लोगों के बारे में जिन्हें भूलकर भी कीटो डाइट फॉलो नहीं करनी चाहिए (Who Should Not Follow Keto Diet)।

आइए पहले जानते हैं वजन घटाने में कैसे फायदेमंद है कीटो डाइट (Keto Diet For Weight Loss In Hindi)

कीटो डाइट को वजन कम करने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। जब आप कीटो डाइट को फॉलो करते हैं तो इसमें आप अधिक फैट डाइट में शामिल करते हैं जिससे शरीर में धीरे-धीरे कीटोन्स बनने लग जाते हैं। यह कीटोन्स आपके शरीर में मौजूद फैट को बर्न करके आपको एनर्जी देते हैं, जिससे धीरे-धीरे वजन कम होना शुरू हो जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सभी लोगों के लिए समान रूप से काम करती है। इसके परिणाम एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं।

किन लोगों को कीटो डाइट फॉलो नहीं करनी चाहिए? (Who Should Not Follow Keto Diet)

1. डायबिटीज रोगी 

डायबिटीज रोगियों को वजन घटाने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसके लिए कीटो डाइट को फॉलो नही करना चाहिए। अगर टाइप 1 डायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज पीड़ित व्यक्ति कीटो डाइट को फॉलो करते हैं तो इससे उनका ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो सकता है। इससे कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

2. अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है

अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है डिलीवरी के बाद बच्चे को स्तनपान करवा रही है, तो कीटो डाइट को फॉलो करना सिर्फ महिला के लिए नहीं शिशु के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। क्योंकि आपके गर्भ में शिशु ग्रोइंग एज में होता है। साथ ही इस दौरान महिला को अधिक एनर्जी की आवश्यकता होती है, जो कीटो डाइट से नहीं मिल पाती है। इससे आपके बच्चे के विकास पर भी असर पड़ता है। साथ ही जन्म के समय पोषण की कमी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

3. पेट संबंधी समस्याएं होने पर

कीटो डाइट लेने से कुछ लोगों में कब्ज और खराब पेट जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति पहले से पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है तो इससे उसकी समस्याएं बढ़ सकती हैं। साथ ही अगर कोई व्यक्ति आंत संबंधी विकार जैसे इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) से जूझ पीड़ित है तो कीटो डाइट फॉलो करने से उनकी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

4. जिन लोगों की सर्जरी हुई है

अगर किसी व्यक्ति ने कुछ समय पहले या हाल ही में किसी स्वास्थ्य समस्या के चलते सर्जरी करवाई है उन्हें कीटो डाइट फॉलो नहीं करनी चाहिए। ऐसा इसलिए है कि सर्जरी के बाद शरीर को स्पीडी रिकवरी की जरूरत होती है। जिसके लिए आपको कैलोरी, विटामिन, मिनरल्स प्रोटीन, फैट आदि से भरपूर आहार लेना होता है। जो कि कीटो डाइट से नहीं मिलते हैं।

इसे भी पढें: इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल तक, जानें खरबूजा खाने के 6 फायदे

5. कम उम्र के लोग

कीटो डाइट यंग लोगों को करने की सलाह नहीं दी जाती है। खासकर 18 साल से कम उम्र वाले लोग। क्योंकि इस उम्र में उनका शारीरिक विकास होता है। इस उम्र में उन्हें बैलेंस्ड कार्ब्स, प्रोटीन व फैट आदि की जरूरत होती है। जो कि उन्हें कीटो डाइट से नहीं मिलता है। इससे उनके शारीरिक विकास में बाधा आती है।

Dinesh Karthik g code of conduct news: 


रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए आईपीएल 2022 के दौरान फिनिशर की भूमिका निभाने वाले दिनेश कार्तिक से लखनऊ के खिलाफ एलिमिनेटर मैच में बड़ी गलती हो गई। 

कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने के आरोप में उन्हें दोषी पाया गया है और फटकार भी लगी है।

नई दिल्ली: 

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (RCB wicketkeeper Dinesh Karthik) को टूर्नामेंट में कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने के बाद फटकार झेलनी पड़ी है। आईपीएल की आधिकारिक मीडिया रिलीज में बताया गया कि बुधवार को हुए एलिमिनेटर मुकाबले के दौरान उनसे यह गलती हुई। कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में लखनऊ सुपरजायंट्स को हराकर अब आरसीबी का सामना क्वालीफायर-2 में शुक्रवार को राजस्थान रॉयल्स से होगा।

फटकार का कारण स्पष्ट नहीं

आईपीएल ने अपने आधिकारिक बयान में कहीं भी यह नहीं लिखा कि दिनेश कार्तिक की किस हरकत से कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन हुआ है। बयान में लिखा है कि, 'आर्टिकल 2.3 के तहत कार्तिक को लेवल-1 का दोषी पाया गया है, जिस उन्होंने स्वीकार भी कर लिया। ऐसी गलतियों के लिए मैच रेफरी का निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य होता है।

आखिरी ओवर में जीती RCB

पॉइंट्स टेबल में टॉप-4 टीम प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करती है, जिसमें आखिरी दो पोजिशन वाली टीमों के बीच एलिमिनेटर होता है, यानी जो हारा वह टूर्नामेंट से से बाहर। इसी मैच में लखनऊ को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के हाथे हार झेलनी पड़ी थी। मैच में कार्तिक के बल्ले से 23 गेंद में 37 रन की पारी निकली थी। नाबाद 112 रन बनाने वाले रजत पाटीदार के साथ मिलकर उन्होंने आरसीबी को 20 ओवर में 207/4 के स्कोर तक पहुंचाया था।

खूब रन उलग रहा डीके का बल्ला

मौजूदा सीजन में दिनेश कार्तिक का बल्ला जमकर रन उलग रहा है। 15 मैच में 324 रन बनाने के चलते ही उनकी तीन साल बाद भारतीय टीम में वापसी हुई है। 9 जून से साउथ अफ्रीका के खिलाफ पांच मैच की टी-20 सीरीज खेली जानी है। डीके ने 64.80 की प्रचंड औसत और 187.28 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं, जिसमें दिल्ली के खिलाफ 66 रन की पारी उनका बेस्ट स्कोर रहा है।


फ‍िल्‍म अभिनेता सोनू सूद और बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने जमुई की दिव्‍यांग छात्रा सीमा की सहायता के लिए twitter पर अपील की। 

इसके बाद जमुई के सांसद चिराग पावान और दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी  आए आगे है। 

अब सीमा के बेहतर दिन आएंगे।

संवाद सहयोगी, जमुई ;-

नालंदा के सोनू के बाद जमुई की सीमा सुर्खियों में है। 

बावजूद, दोनों मामले अलग हैं। यहां सीमा एक पैर से पढ़ाई करने रोज 500 मीटर दूर जाती हैं। 

अब उसकी मदद के लिए कई हाथ आगे बढ़े हैं। 

इतना तो तय हो गया कि सीमा अब दोनों पैर से चलेगी भी और पढ़ेगी भी। 

फिलहाल, बालीवुड के एक्टर सोनू सूद और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने ट््वीट कर सीमा की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी भावनात्मक पोस्ट किया है। 

बायजू सहित अन्य कई संस्थानों, संगठनों व बुद्धिजीवियों ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया है।

दो साल पहले हादसे में गंवाना पड़ा था एक पैर : 

खैरा प्रखंड के अंतर्गत फतेहपुर गांव की 10 वर्षीया बच्ची सीमा के पिता खीरन मांझी दूसरे शहर में मजदूरी करते हैं। 

मां ईंट-भट्टे पर मिट्टी से ईंट पाथने का काम करती है। दो साल पहले ट्रैक्टर दुर्घटना में सीमा जख्मी हुई थी। तब जान बचाने के लिए उसका एक पैर काटना पड़ा था। 

उसके बाद से ही सीमा हर दिन अपने एक पैर से ही डंडे के सहारे 500 मीटर दूर स्कूल जाती

भवन निर्माण मंत्री आए आगे : 

भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि सीमा के समुचित इलाज की जिम्मेदारी अब महावीर चौधरी ट्रस्ट उठाएगा। 

यह मामला मंत्री सुमित कुमार के विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है

इसकी जानकारी स्थानीय डीएम को भी दे दी गई है। 

उन्होंने कहा कि जल्द ही बच्ची को पटना लाया जाएगा। 

यहां कृत्रिम पैर के प्रत्यर्पण के बाद सीमा अपने दोनों पैरों से चल पाएगी एवं शिक्षित व विकसित बिहार के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएगी। 

अशोक चौधरी में ने अपने ट््वीट में उसकी पढ़ाई कैसे होगी, इसकी कोई जानकारी साझा नहीं की है।

सोनू सूद ने कहा, टिकट भेज रहा हूं : 

अभिनेता सोनू सूद ने कहा कि अब सीमा अपने दोनों पैरों से कूदकर स्कूल जाएगी। टिकट भेज रहा हूं। चलिए, दोनों पैरों पर चलने का समय आ गया।

केजरीवाल ने भी किया ट्वीट : 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ट््वीट में कहा है कि 10 साल की सीमा के जज्बे ने मुझे भावुक कर दिया। 

देश का हर बच्चा अच्छी शिक्षा चाहता है। मैं राजनीति नहीं जानता। 

इतना जानता हूं कि हर सरकार के पास पर्याप्त संसाधन हैं। 

सीमा जैसे हर बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा देनी हर सच्चे देशभक्त का मिशन होना चाहिए। यही सच्ची देशभक्ति है।

हरकत में आया जिला प्रशासन : 

सीमा के एक पांव से स्कूल की दूरी मापने की खबर सुर्खियों में आने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। 

जिला पदाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने अपने लाव-लश्कर के साथ फतेहपुर गांव पहुंचकर बच्ची एवं उसकी मां से मुलाकात की है। 

इस दौरान उन्होंने मातहत अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। 

इसके पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंच कर बच्ची के कटे पांव की मापी ली। 

दूसरी ओर शिक्षा विभाग की टीम भी पहुंच कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में जुट गई है।

सीमा की सहायता के लिए जमुई के सांसद लोजपा रामविलास के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चिराग पासवान भी आगे आए हैं। 

उन्‍होंने भी कहा कि सीमा को जहां तक संभव हो सकेगा सहायता दी जाएगी।