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 Dumbbell Exercises 


अगर आप अपनी बॉडी को बेहतर शेप देना चाहते हैं तो आपको अपने एक्सरसाइज में कुछ इक्विपमेंट्स ऐड करने चाहिए जैसे- डंबल। डंबल की मदद से की जाने वाली कुछ खास तरह की एक्सरसाइजेस से आप ओवरऑल बॉडी को टोन्ड कर सकते हैं।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Dumbbell Exercises: 

अगर आप अपनी बॉडी को जल्दी टोन्ड और फिट करना चाहते हैं तो डंबल की हेल्प लें। जिससे अपर से लेकर लोअर बॉडी तक की एक्सरसाइजेस की जा सकती है। लेकिन रोजाना डंबल एक्सरसाइज को करने से कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है बीच में रेस्ट लेकर करना। आइए जानते हैं ऐसी 5 एक्सरसाइज के बारे , जिन्हें डंबल से आसानी से किया जा सकता है..

1. गोबलेट स्क्वाट

- इसके लिए आपको दो छोटे या एक बड़े डंबल की जरूरत होगी। सीधे खड़े हो जाएं और डंबल को अपने चेस्ट तक लाकर होल्ड करें। अब इसी पॉजीशन में स्क्वाट करना शुरू कर दें। अपनी कमर को सीधा रखें और अपने घुटनों को मोड़कर पूरी तरह बैठने की कोशिश करें।

- खड़े होते समय अपनी एड़ियों पर प्रेशर डालने की कोशिश करें। यह एक्सरसाइज थाई को टोन करने में हेल्प करती है। यह ऊपरी बांहों के लिए भी लाभदायक है क्योंकि यह आर्म्स पर भी प्रेशर डालती है।

2. ट्राइसेप किक बैक

- शुरू में सीधे खड़े हो जाएं और आगे की ओर थोड़ा सा झुक जाएं।अब दोनों हाथ में एक-एक डंबल पकड़ लें। अब अपनी ऊपरी बाजू को स्थिर रखें और नीचे से बाजू को आगे की ओर लेकर जाएं।

- अपने कंधों को इस दौरान न हिलाएं, इससे आपके निचले हाथों को और अधिक मजबूती मिलेगी।

3. लंज

- अगर आप कोर मसल्स मजूबत बनाना चाहते हैं तो यह एक्सरसाइज आपके लिए बेस्ट है। अगर आप और अधिक अच्छे नतीजे प्राप्त करना चाहते हैं तो यह एक्सरसाइज करने के साथ-साथ आप हाथों में डंबल भी उठा सकते हैं।

- सीधे खड़े हो जाएं। अब अपने आगे अपना दायां पैर रखें और घुटनों से ही दोनों टांगों को मोड़ना शुरू करें। अब बाएं पैर को आगे लाएं और दाएं पैर को पीछे ले जाएं। इस एक्सराइज को रोजाना 20 बार रिपीट करें। इसे करने से आपको कोर, थाई और हिप्स में प्रेशर महसूस होगा।

4. ओवर हेड ट्राइसेप एक्सटेंशन

- अपने दोनों हाथों में एक-एक डंबल पकड़ लें और हाथों को अपने सिर से ऊपर ले जाएं। वर्टिल रूप से इन डंबल को पकड़ कर रखें।

- सीधे खड़े हों और पीछ की ओर कोहनी मोड़ लें जिससे आपके हाथ सिर के पीछे की ओर हो सकें। कंधों को न मोड़ें, इससे आपको ट्राइसेप मसल मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।


Who Should Not Follow Keto Diet: 


कीटो डाइट फॉलो करना सभी के लिए फायदेमंद नहीं होता है, बल्कि कुछ लोगों के लिए यह परेशानी का सबब बन सकता है।

वजन घटाने के लिए तरह-तरह की डाइट फॉलो करते हैं, जिनमें से एक है कीटो डाइट। वजन घटाने के लिए बहुत से लोग कीटो डाइट लेना पसंद करते हैं। क्योंकि इससे अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं। कीटो डाइट  एक हाई फैट और लो कार्ब डाइट है, जिसमें आप अपने खाने से करीबन 75 प्रतिशत फैट, 5-10 कार्ब्स और 20 प्रोटीन लेते हैं। इस डाइट में कार्ब की मात्रा कम होने पर शरीर अपनी एनर्जी के लिए फैट निर्भर होता है। लेकिन क्या सभी के लिए कीटो डाइट लेना फायदेमंद होता है? क्या सभी लोगों को कीटो डाइट फॉलो करने से समान परिणाम देखने को मिलते हैं? जी नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बल्कि कुछ लोगों के लिए कीटो डाइट को फॉलो करना परेशानी का सबब बन सकता है। साथ ही अगर कोई पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित है तो कीटो डाइट को फॉलो करने से उनकी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इस लेख में हम आपको ऐसे 5 लोगों के बारे में जिन्हें भूलकर भी कीटो डाइट फॉलो नहीं करनी चाहिए (Who Should Not Follow Keto Diet)।

आइए पहले जानते हैं वजन घटाने में कैसे फायदेमंद है कीटो डाइट (Keto Diet For Weight Loss In Hindi)

कीटो डाइट को वजन कम करने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। जब आप कीटो डाइट को फॉलो करते हैं तो इसमें आप अधिक फैट डाइट में शामिल करते हैं जिससे शरीर में धीरे-धीरे कीटोन्स बनने लग जाते हैं। यह कीटोन्स आपके शरीर में मौजूद फैट को बर्न करके आपको एनर्जी देते हैं, जिससे धीरे-धीरे वजन कम होना शुरू हो जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सभी लोगों के लिए समान रूप से काम करती है। इसके परिणाम एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं।

किन लोगों को कीटो डाइट फॉलो नहीं करनी चाहिए? (Who Should Not Follow Keto Diet)

1. डायबिटीज रोगी 

डायबिटीज रोगियों को वजन घटाने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसके लिए कीटो डाइट को फॉलो नही करना चाहिए। अगर टाइप 1 डायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज पीड़ित व्यक्ति कीटो डाइट को फॉलो करते हैं तो इससे उनका ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो सकता है। इससे कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

2. अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है

अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है डिलीवरी के बाद बच्चे को स्तनपान करवा रही है, तो कीटो डाइट को फॉलो करना सिर्फ महिला के लिए नहीं शिशु के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। क्योंकि आपके गर्भ में शिशु ग्रोइंग एज में होता है। साथ ही इस दौरान महिला को अधिक एनर्जी की आवश्यकता होती है, जो कीटो डाइट से नहीं मिल पाती है। इससे आपके बच्चे के विकास पर भी असर पड़ता है। साथ ही जन्म के समय पोषण की कमी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

3. पेट संबंधी समस्याएं होने पर

कीटो डाइट लेने से कुछ लोगों में कब्ज और खराब पेट जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति पहले से पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है तो इससे उसकी समस्याएं बढ़ सकती हैं। साथ ही अगर कोई व्यक्ति आंत संबंधी विकार जैसे इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) से जूझ पीड़ित है तो कीटो डाइट फॉलो करने से उनकी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

4. जिन लोगों की सर्जरी हुई है

अगर किसी व्यक्ति ने कुछ समय पहले या हाल ही में किसी स्वास्थ्य समस्या के चलते सर्जरी करवाई है उन्हें कीटो डाइट फॉलो नहीं करनी चाहिए। ऐसा इसलिए है कि सर्जरी के बाद शरीर को स्पीडी रिकवरी की जरूरत होती है। जिसके लिए आपको कैलोरी, विटामिन, मिनरल्स प्रोटीन, फैट आदि से भरपूर आहार लेना होता है। जो कि कीटो डाइट से नहीं मिलते हैं।

इसे भी पढें: इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल तक, जानें खरबूजा खाने के 6 फायदे

5. कम उम्र के लोग

कीटो डाइट यंग लोगों को करने की सलाह नहीं दी जाती है। खासकर 18 साल से कम उम्र वाले लोग। क्योंकि इस उम्र में उनका शारीरिक विकास होता है। इस उम्र में उन्हें बैलेंस्ड कार्ब्स, प्रोटीन व फैट आदि की जरूरत होती है। जो कि उन्हें कीटो डाइट से नहीं मिलता है। इससे उनके शारीरिक विकास में बाधा आती है।

Stretching Benefits 


वर्कआउट और वॉर्मअप दोनों अलग-अलग चीज़ हैं लेकिन ये दोनों ही वर्कआउट से पहले करना जरूरी होता है।

हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग से आप न सिर्फ शरीर को इंजुरी से बचा सकते हैं बल्कि अपनी परफॉर्मेंस भी सुधार सकते हैं।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क, Stretching Benefits: वेट ट्रेनिंग, योग, पिलाटे, एरोबिक्स किसी भी तरह का वर्कआउट शुरू करने से पहले स्ट्रेचिंग बहुत जरूरी है। इसे आप वर्कआउट का सबसे पहला रूल भी कह सकते हैं। बिना स्ट्रेचिंग किए वर्कआउट करने पर इंजुरी होने की पूरी-पूरी संभावना होती है और ये इंजुरी एक या दो दिन में बल्कि कई दिनों तक बनी रहती है। जिसकी वजह से काम करना, सोना, उठना-बैठना भी दूभर हो सकता है। तो इन्हीं सब परेशानियों के बचने और वर्कआउट के दौरान अपनी परफॉर्मेंस सुधारने के लिए स्ट्रेचिंग करना बहुत जरूरी स्टेप है। आइए जानते हैं स्ट्रेचिंग के फायदे- स्ट्रेचिंग करने से शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ने से वर्कआउट को और बेहतर तरीके से कर पाते हैं। जितना बेहतर आसन या वर्कआउट होगा, बॉडी को उतने ही फायदे मिलेंगे।

- सही तरीके से स्ट्रेचिंग करने से ब्लड का सर्कुलेशन बढ़ता है जिससे शरीर के कई अंग सुचारू रूप से काम करते हैं।

- स्ट्रेचिंग करने से वर्कआउट के दौरान होने वाली इंजुरी की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं।

- स्ट्रेचिंग करने से जोड़ों में होने वाली प्रॉब्लम्स दूर रहती है और मूवमेंट भी आसान हो जाता है।

- वर्कआउट से पहले स्ट्रेचिंग करने से मसल्स सही तरीके से अपना काम कर पाती हैं।

- किसी भी वर्कआउट से पहले हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग कर आप बॉडी की एनर्जी बढ़ा सकते हैं।

- स्ट्रेचिंग से बॉडी पोस्चर में भी सुधार आता है।

- जब कभी काम के दौरान सुस्ती या थकान का एहसास हो तो भी थोडी 7 से 10 मिनट की स्ट्रेचिंग आपको एक्टिव और एनर्जेटिक बना देगी।

- वर्कआउट शुरू करने से पहले की गई स्ट्रेचिंग से टाइट मसल्स थोड़ी लूज हो जाती है जिससे मसल्स खिंचने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।

- वर्कआउट से पहले तो स्ट्रेचिंग के फायदे हैं ही लेकिन वर्कआउट के बाद भी स्ट्रेचिंग करने के हजारों फायदे होते हैं। बॉडी की थकान दूर होती है और मसल्स एकदम रिलैक्स हो जाती हैं।


Check out 6 ways that might help you to stay fit while working from home.


Working from home is becoming more common as a result of its multiple advantages for both the employee and the employer, but there are a few potential drawbacks to remote work as well. 

Most remote work is done while sitting at a computer or on the phone. Employees may find themselves stuck in one place for an extended amount of time, especially if there are no meetings or coworkers to urge them to get up and move about.

All of this can contribute to an unhealthy lifestyle. So, to help you stay active while still getting your work done, you can follow these tips.

10 ways to avoid inactivity in the at-home workplace and stay fit:

1. START THE DAY WITH A STRETCH:

Before you relax into your home office chair and take a two-hour meeting, stretch to get your joints and muscles moving. Stretching also helps to reduce joint and muscle aches that might occur from sitting for lengthy periods of time.

2. KEEP EXERCISE EQUIPMENT NEARBY:

Aside from scheduling walks or stair climbs, it's a good idea to keep hand weights, resistance bands, exercise mats, pushup bars, and chairs visible and possibly even "in your way." When you take a break from your laptop, you can pick up the weights, do some repetitions, do pushups and leg exercises, utilise the resistance bands, and gain strength for a few minutes at a time.

3. DEVELOP A ROUTINE:

Habits and rituals are extremely powerful behaviour patterns that can either keep you on track or cause you to fall off. 

When working from home, it's critical to establish regular habits for oneself. 

Establish a regular wake-up time and schedule your work and breaks. Have workout equipment or weights on hand, or simply perform pushups, walk, or use a standing desk. Use fitness apps to remind you to exercise.


लगातार बैठने से पैरों में आ गई है सूजन तो करें 2 मिनट में की जाने वाली ये 5 एक्सरसाइज


पैरों की सूजन दूर करने के ल‍िए आप इस लेख में बताई 5 आसान एक्‍सरसाइज को ट्राय कर सकते हैं
पैरों में सूजन आना एक समस्‍या है। 

ज्‍यादा चलने से, थकान के कारण, प्रेगनेंसी में, वेट बढ़ने पर पैरों में सूजन आ जाती है। कई बार लोगों को पैरों में सूजन की समस्‍या हो जाती है ज‍िसे दूर करने के ल‍िए उन्‍हें कई उपाय अपनाने पड़ते हैं 

पर आज हम आपको 5 एक्‍सरसाइज बताने जा रहे हैं ज‍िसे करने के ल‍िए आपको बस 2 म‍िनट या शायद उससे भी कम समय लगे और आपको पैरों से दर्द और सूजन छूमंतर हो जाएगी। 

इस लेख में हम 5 अलग-अलग तरह की एक्‍सरसाइज को करने का तरीका जानेंगे। 

1. हील रेज एक्‍सरसाइज (Heel raise exercise)

  • पैर की सूजन दूर करने के ल‍िए आप हील रेज एक्‍सरसाइज भी कर सकते हैं।

  • इस एक्‍सरसाइज को करने के ल‍िए आप एक पैर को फ्लोर पर सीधा रखें।

  • दूसरे पैर की हील को ऊपर की ओर उठाएं, आपको धीरे-धीरे हील को ऊपर की ओर उठाना है।

  • अब आपको इस एक्‍सरसाइज को 10 बार र‍िपीट करना है और इसके 2 से 3 सेट्स करने हैं।

  • इस एक्‍सरसाइज को करने से हील या एंकल के आसपास के ह‍िस्‍से में आई सूजन को दूर क‍िया जा सकता है।  

2. कटिचक्रासन (Standing Spinal Twist Pose)

  • स्‍टैंडि‍ग स्‍पाइनल ट्व‍िवस्‍ट पोज करने से भी पैरों में सूजन की समस्‍या दूर होती है।
  • इसको करने के ल‍िए आपको पैरों के बीच सामान्‍य गैप रखना है।
  • गैप रखने के बाद आपको दाएं हाथ को दूसरे हाथ के कंधे पर रखना है।
  • बाएं हाथ को पीछे से दाईं ओर ले जाकर शरीर से स्‍पर्श करवाना है।
  • इस क्र‍िया को दोनों हाथों से करें और इस दौरान कमर से ऊपर भाग को पीछे की ओर घुमाएं।
  • इस दौरान घुटने को अपनी जगह से न ह‍िलाएं।     

3. एंकल सर्क‍िल (Ankle Circle exercise)

  • सूजन की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आप एंकल सर्क‍ि‍ल एक्‍सरसाइज भी कर सकते हैं।
  • इस एक्‍सरसाइज को करने के ल‍िए आप अपने पैर को क्‍लॉकवाइज मोशन में 20 बार घुमाएं।
  • उसके बाद आप एंटी-क्‍लॉकवाइज डायरेक्‍शन में भी पैर को 20 बार घुमाएं।  

4. एलीवेट एक्‍सरसाइज (Elevate exercise)

  • आप पैर की सूजन को दूर करने के ल‍िए एलीवेट एक्‍सरसाइज भी कर सकते हैं। 
  • इसमें आपको पैर को ऊपर की ओर उठाना है और फ‍िर नीचे से नॉर्मल पोज‍िशन में आ जाना है। 
  • इस एक्‍सरसाइज को करते समय सावधानी बरतें नहीं तो दर्द बढ़ भी सकता है।
  • दर्द को कम करने के ल‍िए आप पैर को दो से तीन बार ऊपर उठाएं और फ‍िर बैक पोज‍िशन पर आकर कुछ सेकेंड रेस्‍ट करें।

5. वीरभद्रासन (Warrior Pose) 

  • पैर में सूजन की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आप वैरि‍यर पोज यानी वीरभद्रासन भी कर सकते हैं।
  • इस पोज को करने के ल‍िए दोनों पैरों के बीच गैप दें, फ‍िर एक पैर को घुटने से मोड़कर दूसरे पैर के तले को जमीन पर लाएं।
  • दोनों हाथों को ऊपर करते हुुए और सांस लेते हुए उसी अवस्‍था में रहें फ‍िर नॉर्मल पोज‍िशन में आ जाएं।    
  • दूसरे पैर से भी आपको यही र‍िपीट करना है पर अगर आपके पैर में कोई गहरी चोट लगी है तो आपको इसे करना अवॉइड करना चाह‍िए।

पैर में सूजन होने पर ये न करें 

  • अगर आपके पैर में सूजन है तो आप ज्‍यादा देर के ल‍िए चलना अवॉइड करें।
  • सूजन होने पर आपको लंबे समय तक खड़े रहना भी अवॉइड करना चाह‍िए। 
  • पैर को नीचे लटकाए रखने के बजाय ऊपर उठाकर रखें, आपको इस दौरान ज्‍यादा देर के ल‍िए बैठना भी अवॉइड करना है।
  • पैर की सूजन को दूर करने के ल‍िए आप डॉक्‍टर की सलाह पर ही घरेलू उपाय अपनाएं नहीं तो तकलीफ बढ़ सकती है। 

पैर में सूजन होने पर आप इन आसान एक्‍सरसाइज को ट्राय कर सकते हैं और अगर इसके बाद भी समस्‍या हल न हो तो डॉक्‍टर को द‍िखाने में देरी न करें और तुरंत इलाज लें। 


देसी घी और मिश्री का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है, जानें देसी घी और मिश्री खाने के फायदे और तरीका।

देसी घी और मिश्री एकसाथ खाने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। मिश्री और सौंफ अक्सर लोग खाना खाने के बाद खाते हैं .

लेकिन क्या आपने कभी घी के साथ मिश्री का सेवन किया है? 

घी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। घी में पाए जाने वाले गुण और पोषक तत्व शरीर की कई बीमारियों से रक्षा भी करते हैं। 

सर्दी-जुकाम से लेकर शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने तक मिश्री और घी का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। 

घी में लिनोलिक एसिड पाया जाता है जो शरीर में मौजूद एक्स्ट्रा फैट को कम करने में भी फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में घी को औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 

स्वस्थ और पौष्टिक खानपान होने से आपका शरीर हेल्दी रहता है और बीमारियों का शिकार भी नहीं होता है। 

आपको सेहत के प्रति जागरूक करने और हेल्दी रखने के लिए Onlymyhealth समय-समय पर सेहत और खानपान से जुड़े टिप्स शेयर करता है। 

इस महीने हम अपने Campaign ‘focus of the month’ में Healthy Living विषय से जुड़ी जरूरी जानकारियां और टिप्स आपसे साझा कर रहे हैं। 

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से घी और मिश्री खाने के फायदे और इसका सेवन करने के तरीके के बारे में बताएंगे।

घी और मिश्री खाने के फायदे (Ghee And Sugar Candy Benefits in Hindi)

देसी घी में मौजूद गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बहुत उपयोगी होते हैं। 

अगर आप रोजाना देसी घी के साथ एक चम्मच मिश्री का सेवन करते हैं तो आपके शरीर में मौजूद कई तरह की समस्याएं दूर होती हैं और शरीर निरोगी रहता है। 

मिश्री का सेवन शरीर में खून की कमी पूरा करने के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। 

रोजाना देसी घी और मिश्री खाने से आपके शरीर को ये फायदे मिलते हैं।

1. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

शरीर की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर आप आसानी से संक्रमण और बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। 

शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए घी और मिश्री एकसाथ खाना फायदेमंद होता है। 

इसके लिए आप रोजाना सुबह में एक चम्मच देसी घी के साथ एक चम्मच मिश्री का सेवन करें।

2. सर्दी-जुकाम में फायदेमंद

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर आपको बहुत जल्दी सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है। 

सर्दी-जुकाम की समस्या में मिश्री के साथ देसी घी खाना बहुत फायदेमंद होता है। 

सर्दी, खांसी या जुकाम होने पर आप एक चम्मच देसी घी लेकर उसमें एक चम्मच मिश्री मिलाएं और इसमें काली मिर्च का थोड़ा सा पाउडर डालें। 

इन तीनों चीजों को अच्छी तरह से मिलाकर हल्का गर्म करें और खा लें। ऐसा दो से तीन बार करने से सर्दी-जुकाम में बहुत फायदा मिलता है।

3. शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में उपयोगी

शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने के लिए देसी घी के साथ मिश्री का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। कई बार खानपान में गड़बड़ी और कुछ बीमारियों के कारण आपके शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। इस समस्या को खून की कमी भी कहा जाता है। शरीर में खून की कमी या हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने पर आपको मिश्री और घी का एकसाथ सेवन करना चाहिए।

4. पाचन तंत्र को बनाये बेहतर

पाचन तंत्र में खराबी होने पर आपको पेट में गैस की समस्या, कब्ज और पाचन से जुड़ी कई अन्य समस्याएं होती हैं। 

पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए घी और मिश्री का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। 

देसी घी में पाचन तंत्र के लिए उपयोगी कई गुण मौजूद होते हैं जो शरीर के पाचन को मजबूत करने का काम करते हैं। 

पाचन तंत्र सही होने पर आप जिन चीजों का सेवन करते हैं उससे आसानी से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में भी फायदा मिलता है।

5. शरीर को एनर्जी देने में उपयोगी

अगर आपको थकान या शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है तो ऐसे में घी और मिश्री आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है। घी और मिश्री का एकसाथ सेवन करने से आपके शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और थकान या कमजोरी दूर होती है।

6. फूड पाइजनिंग में मिलता है फायदा

खानपान में असंतुलन और गलत खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आपको फूड पाइजनिंग की समस्या हो सकती है। 

इस समस्या में देसी घी के साथ मिश्री खाने से फायदा मिलता है। इस समस्या में आप डॉक्टर की सलाह लेकर घी उर मिश्री का एकसाथ सेवन कर सकते हैं।

देसी घी को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है। 

आयुर्वेद में घी का इस्तेमाल औषधि के रूप में भी किया जाता है। देसी घी के साथ मिश्री खाने से आपका शरीर स्वस्थ और निरोगी रहता है। 

किसी बीमारी या समस्या में इलाज के तौर पर इसका सेवन करने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। 




बॉडी कंपोजिशन एक्सरसाइज की मदद से वजन घटाना या गठीली बॉडी बनाना बहुत आसान होता है। जानें इसके बारे में।


बॉडी कंपोजिशन एक्सरसाइज वह होती हैं जो आपके शरीर की बनावट, वजन आदि को ध्यान में रखकर की जाती हैं।

अगर आप अपने शरीर को टोन और अच्छा बनाना चाहते हैं तो आपको अपनी बॉडी कंपोजिशन को समझना होगा।

अपने शरीर को जाने बिना कोई भी डाइट प्लान या एक्सरसाइज आपकी बॉडी के लीन या टोन होने में मदद नहीं कर सकती। यही कारण है कि ज्यादातर लोग जिम और डाइटिंग शुरू तो करते हैं, लेकिन महीने भर भी उसे फॉलो नहीं कर पाते हैं। 

आइए पहले जानते हैं कि क्या होता है बॉडी कंपोजिशन। दरअसल आपके शरीर में लीन मास का फैट के साथ जो अनुपात होता है उसे ही बॉडी कंपोजिशन कहा जाता है। 

यह अनुपात पुरुष और महिलाओं में अलग अलग हो सकता है। पुरुषों में आदर्श बॉडी फैट प्रतिशत 18 से 24% होता है तो महिलाओं में 25 से 31%,  जो कि व्यक्ति की उम्र और सेहत के आधार पर बदल सकता है। एक बार जब आप समझ जाते हैं कि आपकी बॉडी कंपोजिशन क्या है तो आपके लिए अपनी डाइट और वर्क आउट चुनना काफी आसान हो सकता है।

वैसे तो आपके लिए कौन सी एक्सरसाइज बेस्ट है, ये आपको कोई फिटनेस ट्रेनर ही आपका शरीर और वजन देखकर बता सकता है। लेकिन कुछ एक्सरसाइज आप घर पर भी कर सकते हैं। 

आइए जानते हैं घर पर किए जाने वाले कुछ आसान बॉडी कंपोजीशन एक्सरसाइज।

कार्डियो वर्क आउट को अपने रूटीन में शामिल करें 

दिल को स्वस्थ बनाये रखने के लिए और आपकी मसल्स को टोन करने के लिए कार्डियो एक्सरसाइज एक बेहतर तरीका है। 

हाई इंटेंसिटी वर्क आउट आपकी मसल्स को  मजबूत बनाती है और फैट बर्न करने में भी मदद करती है। हालांकि इसका यह मतलब भी नहीं है कि आप इतनी एक्सरसाइज करें कि आपकी सांस फूलने लगे या ढंग से सांस ना ले पाएं।

आपको अपने शरीर की मजबूती के हिसाब से कसरत करनी चाहिए। आइए जानते हैं कुछ कसरतों के बारे में विस्तार से।

रस्सी कूदना (Skipping)

यह एक काफी सिंपल और प्रभावी एक्सरसाइज है जिसे कोई भी कर सकता है। हालांकि इसे करने के लिए भी काफी स्ट्रेंथ की जरूरत होती है। 

आप इसके लिए कोई भी रस्सी ले सकते हैं और 30 सैकंड तक स्किपिंग करके फिर 15 सैकंड तक रेस्ट ले सकते हैं। इसे 3 से 5 बार रोजाना करें।

ऑन द स्पॉट मार्च (On the Spot Marches)

  • एक जगह पर अपने पैरों को थोड़ा खोल कर खड़े हो जाएं। 
  • अपनी कमर और हिप्स को एकदम सीधा रखें। 
  • अपने घुटनों को एक एक करके इतनी ऊपर तक लेकर जाएं की वह आपकी छाती तक पहुंच जाएं। 
  • इस एक्सरसाइज को लगातार 30 सैकंड तक करें और फिर 15 सैकंड का रेस्ट लें। 
  • इसके 3 से 5 राउंड करें।

स्क्वाट एक्सरसाइज (Squat Exercise)

  • यह एक्सरसाइज आपके निचले शरीर को टोन करने के लिए काफी बढ़िया रहती है। 

  • इसे करने के लिए आपको खड़ा हो जाना है। 

  • इसके बाद थोड़ा-थोड़ा नीचे बैठने की कोशिश करें।

  • आपकी कमर सीधी रहे, इस बात का ध्यान रखें। 

  • ऐसे बैठें मानो कोई काल्पनिक कुर्सी पर बैठे हैं। 

  • ध्यान रहें कि आपके घुटने आपके पैरों के पंजे से आगे न जा सकें। 

  • इसके बाद वापिस पहली अवस्था में आ जाएं। 

  • एक बार में 10 से 15 स्क्वाट कर सकते हैं।
  • जंपिंग जैक्स (Jumping Jacks)

  • अगर आप काफी इंटेंस एक्सरसाइज करना चाहते हैं और अपना लेवल थोड़ा सा बढ़ाना चाहते हैं तो इसे ट्राई कर सकते हैं। 

  • इसे करने के लिए आपको पहले सीधा खड़ा होना है।

  • फिर अपनी टांगों को कूदते हुए एक दूसरे से दूर लेकर जाना है। 

  • साथ ही अपने हाथों को भी ऊपर आसमान की ओर ले जा कर ताली बजाने की कोशिश करें। 

  • 30 सैकंड तक एक्सरसाइज करने के बाद 15 सैकंड का ब्रेक लें।
  • आप और भी बहुत सी कार्डियो एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं जैसे हाई नी रन और लंज आदि। इन्हें सुबह आधा घंटा जरूर करें। लेकिन अपने लाइफ स्टाइल में किसी भी तरह के बदलाव से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें।

          Black Food For Weight Loss: 

          पतला होने के लिए आपको डाइट से सफेद चीजों को हटाकर काली चीजों को शामिल करना चाहिए. इन काले खाद्य पदार्थों से वजन घटाने में मदद मिलेगी..


          Weight Loss Foods: 

          अगर आप वजन कम करना चाहते हैं को आपको सबसे पहले अपनी डाइट (Diet) को सही करना होगा.

          किसी भी व्यायाम (Exercise) या योग (Yoga) का भरपूर फायदा आपको तब तक नहीं मिलेगा, जब तक आप अपने खान-पान को संतुलित नहीं करते हैं. 

          वजन कम करने के लिए आपको खाने में हरी सब्जियां (Green Vegetables) शामिल करनी चाहिए.

          इसके अलावा आपको अपनी डाइट से सफेद चीजों को हटाकर ब्राउन या काली चीजों को शामिल करना चाहिए. काली चीजें वजन कम करने में मदद करती हैं. 

          आइये जानते हैं आपको कौन से काले खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना चाहिए. 

          1- काले चावल-

          वजन कम करने के लिए आप चावल खा सकते हैं लेकिन कोशिश करें ब्राउन राइय या काले चावल अपने खाने में शामिल करें. 

          ये स्वास्थ्य को कई फायदे पहुंचाते हैं. 

          ब्लैक राइस में एंथोसायनिन काफी होता है जिससे शरीर को ढेरों फायदे मिलते हैं. 

          ये ऐसा एंटीऑक्सिडेंट है जिससे सूजन कम हो जाती है. ब्लैक राइस में भरपूर फाइबर और पोषक तत्व होते हैं. इससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी कम होता है. 

          इन चावल को खाने से वजन भी कंट्रोल रहता है. 

          2- काला लहसुन-

          अगर आपको तेजी से वजन कम करना है तो आपको खाने में काला लहसुन शामिल करना चाहिए. 

          काले लहसुन की खास बात ये है कि इसमें सफेद लहसुन से दोगुने एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी पाए जाते हैं.

          ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. 

          काला लहसुन खाने से बेड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और कैंसर का खतरा को भी कम हो जाता है.

          3- काले अंजीर- 

          काले अंजीर पोटेशियम काफी अच्छी मात्रा में होता है जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है. 

          ब्लैक अंजीर में हाई फाइबर होता है जिससे वजन तेजी से घटता है. 

          कई रिसर्च में ये पता चला है कि अंजीर खाने से शरीर को कैंसर से लड़ने की क्षमता मिलती है.

          4- ब्लैक टी-

          आजकल लोग वजन कम करने के लिए ब्लैक टी भी पीते हैं.

          एक रिपोर्ट में पता चला है कि ब्लैक टी में पाया जाने वाला पॉलीफेनोल्स सेल डैमेज को कम करता है. 

          इससे फ्री रेडिकल्स को हटाने में मदद मिलती है. 

          साथ ही बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी ब्लैक टी मददगार है. 

          लगातार ब्लैक टी पीने से मोटापा और डायबिटीज को कम किया जा सकता है. 

          5- ब्लैक बेरी- 

          ब्लैकबेरी में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं. जिससे स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं. 

          ब्लैक बेरी खाने से मासिक धर्म को नियमित किया जा सकता है.

          इसके अलाव सूजन को कम करना और त्वचा को अच्छा बनाया जा सकता है.

          ब्लैक करंट सीड ऑयल स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। इससे कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में-


          ब्लैक करंट ऑयल, ब्लैक करंट फल के बीजों से तैयार किया जाता है। 

          इस फल का इस्तेमाल कई तरह की डिशेज को तैयार करने के लिए होता है। 

          इसके अलावा ब्लड करंट ऑयल का इस्तेमाल शरीर की कई परेशानी को कम करने के लिए किया जा सकता है।

          दरअसल, ब्लैक करंट ऑयल में पॉलीफेनोल्स और विटामिन के साथ-साथ कुछ अन्य सक्रिय घटक समृद्ध रूप से पाए जाते हैं।

          यह तेल न्यूरोलॉजिकल और कार्डियोवैस्कुलर (Cardiovascular disease) समस्याओं को कम करने में प्रभावी होते हैं। 

          इस तेल में मुख्य रूप से गामा-लिनोलेनिक एसिड होता है, एक बहुत ही महत्वपूर्ण ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है। यह आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। 

          इस तेल के इस्तेमाल से आप शरीर की कई परेशानियों को कम कर सकते हैं। 

          आइए जानते हैं ब्लैक करंट ऑयल से स्वास्थ्य को होने वाले फायदे क्या हैं? 

          ब्लैक करंट सीड ऑयल के फायदे (Health Benefits of Black Current Oil)

          1.  इम्यूनिटी करे बूस्ट

          ब्लैक करंट सीड ऑयल का इस्तेमाल आप इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए कर सकते हैं। 

          दरअसल, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन को कम कर सकता है। 

          साथ ही यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बूस्ट कर सकता है। 

          अगर आपको संक्रमण या बैक्टीरियल समस्याएं होने का खतरा है, तो ब्लैक करंट ऑयल का इस्तेमाल करें।

          2. बालों का झड़ना करे कम

          ब्लैक करंट सीड ऑयल का इस्तेमाल झड़ते बालों की परेशानी को कम करने के लिए किया जा सकता है। 

          दरअसल, इसमें एंटीऑक्सीडेंट और मॉइस्चराइजिंग गुण पाया जाता है, जो आपके बालों को स्वस्थ और हेल्दी बनाए रख सकता है। साथ ही यह सूजन को कम कर सकता है 

          और बालों के झड़ने का कारण बनने वाले किसी भी संक्रमण को ठीक कर सकता है। 

          इतना ही नहीं, ब्लैक करंट सीड ऑयल बालों को मजबूत करके दोमुंहे बालों की परेशानी को कम कर सकता है। 

          3. कोलेस्ट्रॉल करे कंट्रोल

          ब्लैक करंट ऑयल में एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने का गुण होता है, 

          जो हार्ट हेल्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा इस तेल की मदद से मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम के जोखिम को भी कम किया जा सकता है। 

          4. दिमाग को रखे दुरुस्त

          ब्लैक करंट सीड ऑयल में पोटैशियन और GLA भरपूर रूप से होता है, जो ब्लड प्रेशर को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। 

          इससे आपके हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। इस तेल में मौजूद जीएलए ब्लड वेसेल्स में प्लेटलेट्स को कम करने में मददगार हो सकता है। 

          यह आपकी हृदय कोशिकाओं को डैमेज होने से रोक सकता है। साथ ही हृदय के रक्त प्रवाह में सुधार कर सकता है। 

          5. आंखों को रखे हेल्दी

          ब्लैक करंट सीड ऑयल आंखों की ड्राईनेस को कम कर सकता है। 

          इसमें मौजूद फैटी एसिड आंखों की सूजन को कम कर सकता है। साथ ही आंखों की रोशनी को भी बेहतर कर ससता है। 

          6. एक्ने की परेशानी करे दूर

          ब्लैक करंट सीड ऑयल का इस्तेमाल एक्ने की सूजन को कम करने के लिए भी किया जा सकता है। 

          दरअसल, यह ओमेगा-3 से भरपूर होता है। इस तेल में अन्य वाहक तेल का इस्तेमाल करके अपने स्किन पर लगाएं। 

          इससे कुछ ही दिनों में एक्ने की परेशानी कम हो सकती है। 

          7. ब्लड प्रेशर करे कम

          ब्लैक करंट सीड ऑयल का इस्तेमाल करने से ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। 

          दरअसल, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को कम करने में प्रभावी है।

          ब्लैक करंट सीड ऑयल का इस्तेमाल शरीर की कई परेशानियों को दूर करने के लिए किया जा सकता है। 

          लेकिन अगर आप पहली बार इस तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।

          जैतून के तेल में अंजीर को डुबोकर खाने से शरीर की कई परेशानी दूर हो सकती है। ऐसे में आप इस नियमित रूप से अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

          Dried figs in olive oil benefits :-

          ऑलिव ऑयल के साथ अंजीर के फायदे क्या होते हैं? 

          क्या आपके मन में इस तरह का सवाल है? 

          क्या आपने कभी अंजीर और जैतून के तेल का एक साथ सेवन किया है? 

          आपको बता दें कि ऑलिव ऑयल और अंजीर दोनों की शरीर के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। 

          इनके सेवन से शरीर की कई परेशानियां दूर होती हैं। हालांकि, कई लोग इसका सेवन अलग-अलग रूप में करते हैं। 

          लेकिन अगर आप इन दोनों का सेवन एक साथ करते हैं, तो यह आपके शरीर की कई समस्याओं को नैचुरल तरीके से दूर रखने में मददगार हो सकता है। 

          Onlymyhealth के इस महीने के Campaign ‘focus of the month’ में Healthy Living पर आपको कई तरह के अलग-अलग लेख के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कुछ असरदार टिप्स दिए जाते जाते हैं। 

          इसी कड़ी में आज हम इस लेख में आपको अंजीर और ऑलिव ऑयल का एक साथ सेवन करने से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे। 

          आइए जानते हैं अंजीर और ऑलिव ऑयल के सेवन से शरीर को क्या फायदे मिलते हैं? 

          जैतून तेल और सूखे अंजीर खाने के फायदे..... .

          अंजीर को जैतून के तेल में डुबोकर खाने से शरीर को कई तरह के पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। इससे आपकी पाचन शक्ति मजबूत होती है। साथ ही यह आपकी हड्डियों को मजबूत रखता है। इसके अलावा अंजीर को ऑलिव ऑयल में डुबोकर खाने से कई अन्य फायदे होते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में-

          1. वजन घटाने में असरदार है अंजीर....

          शरीर के बढ़ते वजन से अगर आप परेशानी हैं, तो अंजीर को जैतून तेल में डुबोकर खाएं। 

          यह फाइबर का काफी अच्छा स्त्रोत होता है। इसके अलावा अंजीर और ऑलिव ऑयल कब्ज की परेशानी को दूर करने में आपकी मदद कर सकते हैं। 

          इतना ही नहीं, यह गुड बैक्टीरिया के विकास को भी बढ़ावा देता है, जिससे आपकी पाचन क्रिया दुरुस्त हो सकती है।

          2. कैल्शियम स्रोत...

          शरीर में कैल्शियम की पूर्ति के लिए अंजीर का सेवन काफी लाभकारी हो सकता है। 

          अंजीर कैल्शियम की पूर्ति करने में आपकी मदद कर सकता है। 

          इससे आपके शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं। 

          साथ ही यह दांतों को स्वस्थ रखने में लाभकारी हो सकता है। वहीं, ऑलिव ऑयल भी आपकी हड्डियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। 

          अगर आप कैल्शियम की प्राप्ती के लिए किसी अच्छे स्त्रोत की तलाश कर रहे हैं, 

          तो अंजीर और ऑलिव ऑयल का सेवन करें। 

          खासतौर पर अगर आपको डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी की शिकायत है, 

          तो आप इसे अपने डेली आहार में शामिल कर सकते हैं।

          3. हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतर....

          अंजीर और जैतून का तेल दिल से संबंधित परेशानी को दूर करने में प्रभावी हो सकता है। दरअसल, 

          अंजीर में घुलनशील फाइबर होता है, 

          जो आपके ब्लड में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में प्रभावी हो सकता है। 

          इसके साथ ही ऑलिव ऑयल और अंजीर फिनोल, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड से भरपूर होता है,

           जो दिल से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में प्रभावी हो सकता है।

          वहीं, एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है, 

          जो हृदय रोग के जोखिम को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। 

          अगर आप नियमित रूप से अंजीर और ऑलिव ऑयल का सेवन करते हैं, 

          तो यह आपके लिए काफी लाभकारी हो सकता है।

          4. अल्जाइमर रोगियों के लिए लाभकारी.....

          अंजीर और ऑलिव ऑयल अल्जाइमर जैसे न्यूरोजिकल रोगों के लिए काफी बेहतरीन डाइट हो सकता है।

           इससे आपकी मानसिक समस्याएं भी काफी हद तक कंट्रोल हो सकती हैं। 

          अगर आपको अल्जाइमर या फिर कोई न्यूरो संबंधी परेशानी है, 

          तो नियमित रूप से अंजीर और ऑलिव ऑयल को अपने हार में शामिल करें।

          5. फ्री रेडिकल्स से करे बचाव.....

          अंजीर और ऑलिव ऑयल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचा सकता है। 

          इसके सेवन से पुरानी बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है। 

          अंजीर और ऑलिव ऑयल शरीर में रक्त के पीएच स्तर को संतुलित करने में भी आपकी मदद कर सकते हैं,

           जिससे कई तरह की बीमारियां दूर हो सकती हैं।

          अंजीर और जैतून के तेल का एक साथ सेवन करने से शरीर की कई बीमारियां दूर हो सकती हैं।

          लेकिन ध्यान रखें कि इससे आप किसी बीमारी का इलाज नहीं कर सकते हैं। 

          यह सिर्फ बीमारियों से बचाव करने में आपकी मदद कर सकता है।

          ऐसे में अगर आप किसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, 

          तो इस स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर अंजीर और ऑलिव ऑयल को अपने आहार में शामिल करें।